मथुरा के होली गेट चौराहे पर आज विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।प्रदर्शन की शुरुआत उस दर्दनाक घटना के बाद हुई, जिसमें 18 दिसंबर 2025 को मैमनसिंह जिले में दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक पर ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने हमला किया। आरोप है कि उसे पीट-पीटकर मार डाला गया और बाद में उसका शव जला दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे देश में गुस्सा और चिंता का माहौल व्याप्त है।वीएचपी ने देशभर में इस घटना के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किए। दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन हुआ, वहीं जम्मू, कोलकाता, भोपाल, पटना, हैदराबाद सहित कई बड़े शहरों में भी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।

मथुरा में होली गेट पर जुटे कार्यकर्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू भय और असुरक्षा में जीवन जी रहे हैं। उनका आरोप है कि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।वीएचपी ने दीपू चंद्र दास के परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों को कड़ी सजा देने और बांग्लादेश में हिंदुओं को पूर्ण सुरक्षा देने की मांग की। संगठन ने भारत सरकार से भी अपील की कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए।प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और प्रशासन की सतर्कता के कारण यह शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ। यह घटना धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब सभी की नजर इस बात पर है कि बांग्लादेश सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।