रीवा। जिले में ठंड और घने कोहरे के बीच सड़क दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं। हाल ही में कमिश्नर बीएस जामोद द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है।सोहागी घाटी से लेकर चाकघाट बॉर्डर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। सोहागी घाटी, चंदई ढाबों के सामने, बघेड़ी चौराहा, मंत्री चौराहा, चाकघाट बॉर्डर सहित कई प्रमुख स्थानों पर ट्रक और हाइवा वाहनों को मनमाने ढंग से दिन-भर खड़ा कर दिया जाता है। इसके अलावा रॉन्ग साइड से वाहनों का बड़े पैमाने पर आवागमन, सर्विस लेन पर अवैध कब्जा, चौराहों पर सिग्नल लाइट का बंद रहना और स्ट्रीट लाइटों की खराब व्यवस्था जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।मुख्य सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़े भारी वाहनों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। ठंड और कोहरे के मौसम में दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। बावजूद इसके सड़क सुरक्षा को लेकर न तो प्रशासनिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन अव्यवस्थाओं पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो सड़क हादसों में और वृद्धि हो सकती है। सड़क सुरक्षा को लेकर सिर्फ बैठकों और निर्देशों तक सीमित न रहकर, जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई और सतत निगरानी की आवश्यकता है, ताकि यात्रियों की जान सुरक्षित रह सके।