सिंगरौली जिले के बैरदह एवं बंसी क्षेत्र में जंगल कटाई के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूरे प्रदेश में बिना एनजीटी (NGT) की अनुमति के वृक्ष कटाई पर रोक लगा दी है।यह याचिका सिंगरौली जिले के विस्थापित नेता देवेंद्र कुमार पाठक एवं वर्तमान जनपद अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर की गई थी। याचिका क्रमांक 42565/2025 दिनांक 26 नवंबर 2025 को दाखिल की गई।याचिका में बताया गया कि सिंगरौली जिले के बंसी एवं बैरदह क्षेत्र के घने जंगलों में, जहां इमारती वृक्ष फल-फूल रहे थे, वहां भारत सरकार द्वारा कोयला उत्खनन हेतु अदानी समूह को भूमि आवंटित की गई। आरोप है कि बिना वन विभाग एवं एनजीटी की अनुमति के करोड़ों रुपये मूल्य की इमारती लकड़ी की कटाई तीव्र गति से की जा रही थी।पेड़ों की कटाई रोकने के लिए याचिकाकर्ताओं द्वारा शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कटाई जारी रही। भारी क्षति को देखते हुए तथा क्षेत्र में निवासरत गरीब, वनवासी, गोंड, बैगा एवं आदिवासी समुदायों की आजीविका प्रभावित होने के कारण उच्च न्यायालय की शरण ली गई।मामले की सुनवाई 17 दिसंबर 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव सचदेवा एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री विनय शराफ की युगल पीठ में हुई। याचिका की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्मदेव पाठक ने पक्ष रखा।माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतिम निर्णय तक तथा एनजीटी की अनुमति के बिना पूरे प्रदेश में वृक्षों की कटाई नहीं की जाएगी। साथ ही आदेश के उल्लंघन की स्थिति में मामले को तत्काल न्यायालय के संज्ञान में लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।