मथुरा/वृंदावन। कथावाचक इंद्रेश द्वारा सार्वजनिक मंच से यादव समाज को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज न मानने संबंधी कथित बयान से यादव समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी के विरोध में आज यादव समाज के विभिन्न संगठनों एवं प्रबुद्धजनों द्वारा एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया।वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण स्वयं यदुवंश में अवतरित हुए। यह तथ्य न केवल पुराणों, महाभारत, भागवत और अन्य शास्त्रों में स्पष्ट रूप से वर्णित है, बल्कि भारतीय संस्कृति और जनमानस में भी सर्वविदित है। ऐसे में किसी भी कथावाचक द्वारा यादव समाज की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाना अत्यंत निंदनीय और समाज को विभाजित करने वाला कृत्य है।यादव समाज के प्रतिनिधियों ने कथावाचक इंद्रेश को शास्त्रों के आधार पर खुली शास्त्रार्थ की चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके दावे में सत्यता है तो वे सार्वजनिक रूप से शास्त्रीय प्रमाण प्रस्तुत करें। समाज ने स्पष्ट किया कि बिना प्रमाण ऐसे बयान देना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।वार्ता में यह भी मांग की गई कि कथावाचक इंद्रेश अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें, अन्यथा यादव समाज लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।यादव समाज ने सभी धर्माचार्यों, कथावाचकों और सामाजिक व्यक्तियों से अपील की कि वे मंचों से बोलते समय शास्त्र, इतिहास और सामाजिक समरसता का ध्यान रखें, ताकि समाज में आपसी सौहार्द बना रहे।