रीवा शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा अब सुविधा के बजाय यातायात और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। शहर के विभिन्न इलाकों से सामने आए ताज़ा वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों में साफ दिखाई दे रहा है कि ई-रिक्शा में क्षमता से कई गुना अधिक सामान और स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।रेलवे स्टेशन रोड, पुराना बस स्टैंड और अन्य प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शाओं की बेतहाशा संख्या ने यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है। नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए चल रहे ई-रिक्शा न सिर्फ जाम की स्थिति बना रहे हैं, बल्कि पैदल यात्रियों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों में न तो ओवरलोडिंग का डर है और न ही यातायात नियमों का। कारण स्पष्ट है—यातायात नियंत्रण की कमजोर व्यवस्था। आरोप है कि कार्रवाई केवल कभी-कभार औपचारिक अभियान तक सीमित रहती है, जबकि स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन अक्सर किसी बड़े हादसे के बाद ही सक्रिय होता है। नागरिकों का सवाल है कि क्या किसी गंभीर दुर्घटना या मासूम की जान जाने के बाद ही नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ई-रिक्शा की संख्या पर नियंत्रण, ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई, रूट निर्धारण, पार्किंग व्यवस्था, चालकों के लाइसेंस व प्रशिक्षण का सत्यापन और नियमों का निरंतर व समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह अराजकता किसी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।