मथुरा जिले की छाता कोतवाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। खानपुर निवासी हरिओम पांडे, जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के छाता मण्डल मंत्री और प्रधान प्रतिनिधि हैं, ने थाना छाता के एसओ कमलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि 17 दिसंबर 2025 को थाने में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बिना किसी लिखित कारण के मानसिक दबाव बनाया गया।हरिओम पांडे के अनुसार, गांव में मध्य प्रदेश पुलिस के आने को लेकर चर्चा थी। स्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्होंने होटल रॉयल गैलेक्सी में ठहरे एमपी पुलिस अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। इसके कुछ समय बाद छाता थाने से कॉल आया और उन्हें थाने बुलाया गया। वह सामान्य प्रक्रिया समझकर सीधे थाना पहुंचे।आरोप है कि थाने पहुंचते ही उनका मोबाइल फोन ले लिया गया, उन्हें अंदर बैठा दिया गया और बिना किसी नोटिस या आरोप के उनसे अपमानजनक भाषा में बात की गई। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने बार-बार बताया कि वे किसी अपराध में शामिल नहीं हैं और जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, इसके बावजूद उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया गया।हरिओम पांडे का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।यह मामला केवल एक राजनीतिक पदाधिकारी से जुड़े अपमान का नहीं, बल्कि आम नागरिकों के सम्मान और अधिकारों से भी जुड़ा है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।