जबलपुर के विक्टोरिया हॉस्पिटल के बाद अब सतना के एसएनसीयू में चूहों की धमाचौकड़ी
सतना। जबलपुर के विक्टोरिया हॉस्पिटल के आईसीयू और ऑर्थो वार्ड में चूहों की धमाचौकड़ी का वीडियो वायरल होने के महज तीन दिन बाद अब सतना–मैहर जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय जिला अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) से भी चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में एसएनसीयू परिसर में खुलेआम चूहों की आवाजाही दिखाई दे रही है, जिससे अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब दो दिन पुराना है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक चूहा मुंह में मुंगौड़ी दबाए कंप्यूटर मॉनिटर के नीचे से निकलता है और वाई-फाई राउटर के ऊपर से दौड़ता हुआ नजर आता है। जैसे ही उसे यह आभास होता है कि कोई मोबाइल से वीडियो बना रहा है, वह मुंगौड़ी छोड़कर तेजी से भाग जाता है। वहीं, वीडियो में दो अन्य चूहे भी एक के पीछे एक इनबॉर्न यूनिट से निकलते हुए धमाचौकड़ी मचाते दिखाई देते हैं।एसएनसीयू वह संवेदनशील इकाई है, जहां जन्म के तुरंत बाद बीमार हुए नवजातों को भर्ती कर उनका विशेष उपचार किया जाता है। वर्तमान में यहां करीब 40 नवजात शिशु भर्ती बताए जा रहे हैं। ऐसे में यूनिट के भीतर चूहों की मौजूदगी ने नवजातों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।गौरतलब है कि इसी वर्ष अगस्त–सितंबर माह में इंदौर के एमवायएच अस्पताल में चूहों द्वारा कुतरने से दो नवजातों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल को लेकर लापरवाही लगातार सामने आ रही है।
पेस्ट कंट्रोल सिर्फ कागजों तक सीमित
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि जिला अस्पताल के प्रत्येक वार्ड, विशेषकर एसएनसीयू में माउस ट्रैप और रैट ट्रैप केज लगाए गए हैं तथा समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल कराया जाता है, ताकि कीड़े-मकोड़ों और चूहों का खतरा न रहे। लेकिन वायरल वीडियो ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी है।एसएनसीयू कार्यालय में मुंगौड़ी मिलने से यह भी स्पष्ट होता है कि अस्पताल स्टाफ द्वारा यूनिट के भीतर ही खाद्य सामग्री मंगाकर खाई जाती है। भोजन के बचे हुए अंश इधर-उधर गिरने से चूहे आकर्षित होते हैं और संवेदनशील वार्डों तक पहुंच जाते हैं।इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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