वैदिक मर्यादामार्ग के महान संरक्षक थे गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर डॉ. श्री पुरुषोत्तम लाल जी महाराज
मथुरा। मार्यादामार्गीय वैदिक परंपरा के महान संरक्षक, श्री गोपाल वैष्णव पीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर डॉ. श्री पुरुषोत्तम लाल जी महाराज के गोलोक गमन से न केवल बृजमंडल, बल्कि संपूर्ण देश के आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को सनातन संस्कृति और वैदिक परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।महाराज श्री के गोलोक गमन के उपरांत मथुरा पुरी बृजमंडल तीर्थ क्षेत्र के हृदय स्थल चतुर्वेदी पुरम स्थित गोपाल घाटी प्रांगण में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में बृजमंडल सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत-महंतों, भागवताचार्यों, धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, शिष्यों, सेवकों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्री पुरुषोत्तम लाल जी महाराज वैदिक मर्यादामार्गीय परंपरा के सशक्त स्तंभ, वेदमूर्ति तथा सनातन संस्कृति के सच्चे संरक्षक थे। उन्होंने युवावस्था से ही धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई और अनेक संत-महापुरुषों के सानिध्य में रहकर आध्यात्मिक जीवन को समर्पित किया।वक्ताओं ने बताया कि महाराज श्री राम जन्मभूमि आंदोलन सहित अनेक धार्मिक व सामाजिक आंदोलनों में निरंतर सक्रिय रहे। यमुना महारानी के जल शुद्धिकरण अभियान में भी उनकी अग्रणी भूमिका रही। मथुरा से दिल्ली तक आयोजित पदयात्रा में उन्होंने अपने शिष्यों एवं भक्तों के साथ सहभागिता कर समाज को जागरूक करने का कार्य किया।डॉ. श्री पुरुषोत्तम लाल जी महाराज जीवन पर्यंत धर्म, संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के संरक्षण व प्रचार-प्रसार में समर्पित रहे। वे प्रतिदिन श्री गोपाल वेद पाठशाला में शिष्यों को वेदाध्ययन कराते थे। गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुरूप आदर्श जीवन व्यतीत किया और श्री गोपाल जी महाराज व श्री यमुना महारानी की उपासना को अपने जीवन का केंद्र बनाया।श्रद्धांजलि सभा में विधायक श्री कांत शर्मा, महापौर विनोद अग्रवाल, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, संतजन, अधिवक्ता, व्यापारी नेता तथा नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभा का संचालन रामकिशन पाठक एडवोकेट ने किया।सभा में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर डॉ. श्री पुरुषोत्तम लाल जी महाराज का जीवन चरित्र आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा और उनके द्वारा स्थापित वैदिक मर्यादामार्ग की परंपरा युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।

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