सीहोर। गीता जयंती के पावन अवसर पर जिला जेल सीहोर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गीता के पंद्रह अध्याय का पाठ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जेल अधीक्षक प्रतिभा पटेल ने दीप प्रज्वलित कर और विधिवत पूजन करके किया।इस अवसर पर उपनिदेशक अक्षय सिहोते ने देव प्रतिमाओं पर पुष्पहार अर्पित किया। वहीं, गायत्री परिवार के उप जोन प्रभारी रघुनाथ प्रसाद हजारी ने सभी कैदियों को गीता के पंद्रह अध्याय का वाचन कर इसका महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि व्यक्ति अपने कर्मों से अपने भाग्य को स्वयं बनाता है और कर्म के अनुरूप ही उसका भविष्य आकार लेता है। उन्होंने कहा, "कर्म की लेखनी से भाग्य लिखा जाता है।"कार्यक्रम में गायत्री परिवार की टोली के बने सिंह दांगी और मनोहर दांगी ने श्री कृष्ण भगवान के सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी और भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर प्रकाश डाला। अंत में सभी बंदी भाइयों से नशा मुक्त रहने का संकल्प दिलाया गया और उन्हें नशे के हानिकारक प्रभावों से जागरूक किया गया।कार्यक्रम में कैदियों को अच्छे कर्म, ध्यान, साधना, योग और प्राणायाम के माध्यम से अपने कर्मों द्वारा भाग्य सुधारने की प्रेरणा दी गई। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन गायत्री परिवार के राष्ट्रीय जेल प्रभारी प्रेमलाल कुशवाहा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।