भिण्ड जिले में अवैध रेत कारोबार अब केवल कानून तोड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी खतरा बन गया है। रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम अधिकारियों को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।15 दिसंबर को मिहोना बायपास पर लहार एसडीएम विजय सिंह यादव ने ओवरलोड और बिना रॉयल्टी के रेत ले जा रहे ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान एक ट्रैक्टर चालक ने सरकारी वाहन पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। एसडीएम बाल-बाल बच गए, लेकिन वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पुलिस और खनिज विभाग में माफियाओं के साथ कथित गठजोड़ की शिकायत की। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर और ट्रक अवैध रेत निकालकर राज्य के अन्य जिलों में भेजे जा रहे हैं, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।किसानों द्वारा अवैध रेत परिवहन रोकने के प्रयासों को भी प्रशासन ने बाधित किया; खेतों की खाइयाँ जेसीबी से भरी गई और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए।डॉ. गोविंद सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भिण्ड भी बामौर जैसी भयावह घटना का शिकार हो सकता है। उन्होंने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर रेत माफिया के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की मांग की है।