शीतलहर और घने कोहरे का कहर, यातायात पर गहरा असर
दिसंबर का महीना चल रहा है और पूरे क्षेत्र में शीतलहर का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। सुबह के करीब नौ बज चुके हैं, लेकिन घने कोहरे के कारण दिन में भी रात जैसा नजारा बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि बाहर निकलने पर आसपास कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा है। कोहरे का प्रकोप इतना ज्यादा है कि दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है।घने कोहरे की वजह से दोपहिया, चार पहिया और भारी वाहनों की आवाजाही पर खासा असर पड़ा है। कई जगहों पर वाहन चालकों को सामने चल रहा वाहन भी नजर नहीं आ रहा, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। खासकर सुबह और देर रात के समय हालात और भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं।प्रशासन और यातायात विभाग की ओर से वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। सभी वाहन चालक लाइट जलाकर चलें, तेज रफ्तार से बचें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। कोहरे में ओवरटेक करने से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।विशेषज्ञों का कहना है कि शीतलहर और कोहरे का यह दौर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। जरूरी न हो तो सुबह-सुबह यात्रा से बचें और यदि निकलना ही पड़े तो पूरी सावधानी के साथ निकलें। सावधानी ही बचाव है, क्योंकि थोड़ी सी सतर्कता से अनमोल जीवन को बचाया जा सकता है।

RTE एडमिशन की बढ़ी तारीख: अब 25 अप्रैल तक निजी स्कूलों में करा सकेंगे निःशुल्क प्रवेश
पोर्टल खोलिए और खुद भरिए अपनी जानकारी; राजस्थान में डिजिटल जनगणना का शंखनाद।
90 डॉलर के नीचे आया क्रूड: अंतरराष्ट्रीय नरमी के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने नहीं बदले रेट।
World Heritage Day 2026: विरासत के संरक्षण का संकल्प, आइए देखें दुनिया के ये 7 अजूबे।
मुंबई का नया लैंडमार्क: धारावी के बाद देश के सबसे बड़े रिडेवलपमेंट को लीड करेंगे अदाणी।