ओंकारेश्वर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो स्थित महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी क्रम में ओंकारेश्वर के 20 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को उन्नत कर 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पिछले सिंहस्थ के दौरान मिले सिविल अस्पताल के बावजूद वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाएँ सीमित हैं। इमरजेंसी सेवाएँ उपलब्ध न होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और अक्सर डूबने या अन्य दुर्घटनाओं के मामलों में उन्हें बाहर रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी भी लंबे समय से बनी हुई है। पूर्व में तैनात महिला चिकित्सक डॉ. रीना के स्थानांतरण के बाद से ग्रामीण और दूरदराज़ से आने वाली महिलाओं को इलाज के लिए विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी तरह एनएचडीसी द्वारा दान की गई एम्बुलेंस भी 2023 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के बाद से लगातार खराब रहती है, जिसके कारण मरीजों को रेफर करने में काफी परेशानी होती है।तीर्थनगरी होने के कारण ओंकारेश्वर में रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं, जिसके चलते बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ अत्यंत आवश्यक हैं। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि अस्पताल के उन्नयन के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति, पर्याप्त स्टाफ, अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और सुचारू एंबुलेंस सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इन सुधारों से क्षेत्र में वर्षों से लंबित स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान की राह खुलने की संभावना है।