मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर और माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल के अध्यक्ष श्री के.एन. सिंह के मार्गदर्शन में इस वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर 2025 को किया जा रहा है। यह लोक अदालत जिला न्यायालय शहडोल सहित सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार और जयसिंहनगर में एक साथ आयोजित होगी।इस नेशनल लोक अदालत में आपराधिक श्रेणी के राजीनामा योग्य प्रकरणों के साथ सिविल मामलों, चेक बाउंस से जुड़े विवाद, पारिवारिक और वैवाहिक प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा मामलों के अलावा बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निपटारा किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालत में मामलों का समाधान होने पर संपूर्ण कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है और दोनों पक्षों के बीच विवाद स्थायी रूप से समाप्त हो जाता है। नगरपालिका से जुड़े प्रीलिटिगेशन मामलों में भी नियमों के अनुसार छूट दी गई है।विद्युत प्रकरणों के समाधान हेतु इस लोक अदालत में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा निर्धारित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत और बकाया ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं लिटिगेशन स्तर पर 20 प्रतिशत सिविल दायित्व राशि और पूरे ब्याज की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट केवल दस लाख रुपये तक के सिविल दायित्व वाले प्रकरणों के लिए लागू रहेगी, और उपभोक्ताओं को शेष राशि का एकमुश्त भुगतान करना अनिवार्य होगा।शर्तों के अनुसार, आवेदक को अपने नाम दर्ज सभी संयोजनों के बकाया बिलों का भुगतान करना होगा। जिन उपभोक्ताओं के नाम पर कोई विधिक संयोजन नहीं है, उन्हें नया संयोजन लेना होगा और पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के बकाया का भुगतान भी सुनिश्चित करना होगा। यह छूट केवल पहली बार पकड़ी गई विद्युत चोरी या अनाधिकृत उपयोग की स्थिति में ही लागू होगी। पूर्व में लोक अदालत या अदालतों में छूट का लाभ ले चुके उपभोक्ता इसका लाभ नहीं उठा सकेंगे। सामान्य विद्युत बिलों पर देय राशि में किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं होगा।यह सभी छूटें एवं समाधान केवल 13 दिसंबर 2025 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान ही मान्य रहेंगे। संबंधित प्रकरणों एवं कानूनी नियमों की जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय शहडोल में संपर्क किया जा सकता है।