नागदा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। परिवार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्था स्नेह के संस्थापक डॉ. पंकज मारू की चेयरमैनशिप में कार्यरत विशेषज्ञ समिति के मार्गदर्शन में मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद के कंप्यूटर साइंस विभाग ने 95 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे दिव्यांग सारथी वेब पोर्टल के बीटा संस्करण का सोमवार को कुलपति पद्मश्री प्रो. डॉ. सैयद एनुल हसन द्वारा लोकार्पण किया।

स्नेह के उपनिदेशक एवं परिवार महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य महेश चंद्र राठौर ने बताया कि दिव्यांग सारथी एक ऐसा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को दैनिक गतिविधियों, शैक्षणिक कौशल तथा सेल्फ एडवोकेसी का प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
इस पोर्टल के माध्यम से अभिभावक, विशेष शिक्षक एवं पुनर्वास प्रशिक्षक बच्चों की क्षमता का आकलन कर उन्हें एनिमेटेड वीडियो, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR) और इंटरएक्टिव गेम्स के जरिए प्रशिक्षण दे सकेंगे।

पोर्टल पर करीब 6000 टॉपिक्स और गतिविधियों पर आधारित वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। इस परियोजना पर पिछले दो वर्षों से 200 से अधिक विशेषज्ञों की टीम कार्य कर रही है, जो अगले दो वर्षों तक और जारी रहेगा।देशभर में इसके उपयोग हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाएँ भी आयोजित की जा रही हैं। जल्द ही इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अभिभावकों को भी अत्यधिक लाभ मिलेगा। यह पोर्टल विशेष विद्यालयों के साथ–साथ समावेशी विद्यालयों के लिए भी बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।

लॉन्चिंग कार्यक्रम में डॉ. पंकज मारू ने इसे “बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए अमृत” बताते हुए कहा कि यह अभिभावकों के लिए एक ही स्थान पर ज्ञान का विशाल भंडार उपलब्ध कराने वाला अनूठा मंच है। उनके महत्वपूर्ण योगदान पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया।इस अवसर पर मंत्रालय के अतिरिक्त निदेशक डॉ. संतोष पांडे, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एस.के. इश्तियाक अहमद, डीन प्रो. डॉ. वाहिद अहमद, प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार, राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन संस्थान के विशेष शिक्षा विभाग से डॉ. गणेश सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।