शहडोल यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
शहडोल यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, हाट-बाज़ारों और प्रमुख चौराहों पर हुए इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा यातायात नियमों से संबंधित पेंटिंग भी तैयार की गईं, जिनमें हेलमेट उपयोग, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक सिग्नल्स के महत्व को दर्शाया गया।
छात्र-छात्राओं को विस्तृत रूप से—
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रोड साइन और पैदल यात्री नियम
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हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता
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ओवरस्पीडिंग और स्टंट के खतरे
—जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि विद्यालयों में कई छात्र स्कूटी या मोटरसाइकिल से आते हैं। इसलिए उन्हें 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाने की सलाह दी गई। तब तक साइकिल या निर्धारित गति वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।यातायात पुलिस ने विद्यालय प्राचार्यों से यह भी आग्रह किया कि नाबालिग बच्चों के अभिभावकों की बैठक आयोजित कर उन्हें जागरूक किया जाए, ताकि बिना लाइसेंस या नाबालिग अवस्था में वाहन चलाने पर रोक लग सके।कार्यक्रम के दौरान छात्रों को महत्वपूर्ण यातायात संबंधी वीडियो भी दिखाए गए, जिनमें—
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बड़े वाहनों के ब्लाइंड स्पॉट
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सर्विस रोड से मुख्य सड़क पर सुरक्षित प्रवेश
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टेल-गेटिंग व डोरिंग से बचाव
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एचएसआरपी नंबर प्लेट की अनिवार्यता
—पर जानकारी दी गई।
इसके साथ ही रहवीर योजना, कैशलेस उपचार योजना, और हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में भी अवगत कराया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने पर अभिभावक पर ₹25,000 तक जुर्माना, वाहन जब्ती और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।अंत में छात्रों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सजगता विकसित करना रहा।
युवाओं ने बनाई संदेशात्मक पेंटिंग
इसी क्रम में यातायात थाना शहडोल ने महिला थाना और शहर के अन्य स्थानों पर युवाओं से ट्रैफिक जागरूकता आधारित पेंटिंग तैयार कराईं। इन चित्रों के माध्यम से हेलमेट, सीट बेल्ट, गति नियंत्रण और मोबाइल का वाहन चलाते समय उपयोग न करने जैसे संदेश आमजन को दिए गए।
