टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नेताओं और उद्योगपतियों द्वारा होने वाली भव्य और फिजूलखर्ची वाली शादियों पर बड़ा बयान दिया है। अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आजकल शादियाँ महंगे मैरिज गार्डनों में होने लगी हैं और अनावश्यक दिखावा बढ़ गया है।उमा भारती ने कहा कि नेताओं को तो पहले से ही समाज में सम्मान हासिल है, फिर इतनी फिजूलखर्ची क्यों? अगर दो नंबर का पैसा खपाना उद्देश्य है, तो ये गलत है। उन्होंने कहा कि नेताओं को “आदर्श उदाहरण” पेश करते हुए सरल और सादगीपूर्ण शादियाँ करनी चाहिए। कम खर्च में भी ज़िंदगी बेहतर चल सकती है।उन्होंने उद्योगपतियों पर भी तंज कसते हुए कहा कि कई बड़े उद्योगपति शादियों में करोड़ों रुपये सिर्फ गायक–नर्तकियों को बुलाने पर खर्च कर देते हैं। अगर वे चाहें तो ऐसे पैसों से 20,000 गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह करा सकते हैं। इससे उन्हें दुआएँ भी मिलेंगी और समाज में यश भी बढ़ेगा।उमा भारती ने फिजूलखर्ची को “लक्ष्मी का अपमान” बताया और कहा कि उन्होंने ऐसे उद्योगपतियों के निमंत्रणों का बहिष्कार कर रखा है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जिन लोगों की शादियों में धन का भद्दा प्रदर्शन होता है, उनका न्योता उनके घर में आने ही नहीं दिया जाता।