गीता जयंती पर शोभायात्रा और संगोष्ठी का भव्य आयोजन
मथुरा। केशव वेद विद्यालय केशवधाम और सोहम आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को गीता जयंती का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्य गिरि जी महाराज ने की।
सुबह ललिता आश्रम परमार्ग से श्रीमद्भगवद गीता का पूजन और आरती के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई निकली, जहां स्थान-स्थान पर गीता जी का पूजन, आरती और पुष्पवर्षा कर भक्तों ने स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया।
यात्रा के उपरांत सोहम आश्रम में दीप प्रज्वलन के साथ संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के संयोजक आचार्य डॉ. रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि “गीता केवल गाने का ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य उपदेश है।” उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के समय जो उपदेश दिया, वह आज भी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
मुख्य वक्ता श्री चतुर्नारायण शास्त्री जी महाराज ने गीता में प्रतिपादित श्रेष्ठ कर्म और श्रेष्ठ धर्म की महत्ता को रेखांकित किया। वहीं श्री गोरबानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान ने अर्जुन को माध्यम बनाकर संपूर्ण संसार के लिए कल्याणकारी संदेश दिया, जिसमें कर्म, भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम है।वक्ता श्री ओमप्रकाश बंसल ने गीता और रामचरितमानस के संदेशों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए कहा कि इनके आचरण से जीवन में सहजता और सकारात्मकता आती है।
कार्यक्रम में श्री अनिलानंद जी महाराज, श्री गंगाधर अरोड़ा, श्री रामदास चतुर्वेदी, हर्षरूप यादव, आचार्य रवींद्र शर्मा, आचार्य सुधाकर द्विवेदी, आचार्य बिपुल मिश्र, ऋषिकांत शर्मा, ज्ञान पांडेय, गुलशन चतुर्वेदी सहित वेद विद्यालय के सैकड़ों छात्र, शिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री व्रजेन्द्र नागर जी ने किया।पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, भक्ति-भाव और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।

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